इस स्थान पर रहती हैं आत्मा, काला साया, भूत-चुड़ैल या फिर कुछ और…….

नीरज गौत्तम.

दोस्तों आपने दुनिया में बहोत से हॉन्टेड प्लेस यानी भूतिया जगहों के बारे में जरूर सुना होगा । आज मैं आपको ऐसी जगह के बारे में बताऊंगा जिसका नाम वर्ल्ड की टॉप टेन डरावनी जगहों में गिना जाता है जहाँ सूर्यास्त के बाद किसी का भी जाना मना है अगर कोई भूल से वहां चला भी गया तो वापस लौट कर नहीं आता दुनियां में ऐसे बहोत से स्थान हैं जहाँ बुरी आत्माओं ने कब्जा जमा रखा है अगर इतिहास के पन्नों को पलटा जाए तो हम देखेंगे कि ये वही स्थान हैं जो पहले काफी खुशहाल हुआ करते थे लेकिन एक बुरी नज़र की वजह से ये स्थान शापित हो गए । ऐसी ही एक जगह है राजस्थान के अलवर जिले में । जो अपनी भूतिया कहानियों को लेकर हमेशा चर्चा में रहा है 

जी हाँ दोस्तों भानगढ़ का किला जितना शानदार है उसका अतीत उतना ही भयानक रहस्य और रोमांच से भरपूर होने के कारण देशी हो या विदेशी हर किसी को इसे देखने की ख्वाहिश होती है भानगढ़ के किले की कहानी बड़ी ही रोचक है इस किले को सत्रहवी शताब्दी में राजा मानसिंह के छोटे भाई राजा माधोसिंह ने बनवाया था ।वर्तमान में यह किला एक खंडर में तब्दील हो गया है । कभी यह शाही महल सात मंजिला हुआ करता था लेकिन आज यह सिर्फ चार मंजिल का रह गया है ।

 यहाँ के बारे में एक कहानी बहोत ही प्रचलित है । इस कहानी के अनुसार भानगढ़ की रानी रत्नावती बहुत ही खूबसूरत थी । सिन्दु सेवड़ा नाम का एक तांत्रिक रानी पद्मावती पर फ़िदा था वो किसी भी तरह से रानी रत्नावती को हासिल करना चाहता था । सिन्दु सेवड़ा काले जादू में माहिर था । वो रानी को वश में करने के लिए एक काला जादू करता है ।

लेकिन खुद ही अपने जादू का शिकार होकर मर जाता है।लेकिन मरने से पहले वो भानगढ़ की बर्बादी का श्राप दे जाता है । संयोग से एक महीने बाद ही पड़ौसी राज्य अजबगढ़ से युद्ध छिड़ जाता है । जिसमे रानी सहित सारे भानगढ़वासी मारे जाते हैं और भानगढ़ वीरान हो जाता है ।

कहते हैं उस लड़ाई में मारे गए लोगों की आत्माएं आज भी रात को भानगढ़ के किले में घुमती हैं तांत्रिक के श्राप देने के कारण उन्हें आज भी श्राप से मुक्ति नहीं मिल पाई है और उनकी रूह आज भी वहां भटकती है भानगढ़ के किले के पिछले हिस्से में एक छोटा दरवाजा है उस दरवाजे के पास बहोत ही अन्धेरा रहता है कई बार वहां किसी के बात करने या किसी विशेष प्रकार की स्मेल को महसूस किया गया है। इसके अलावा इस किले के कमरों के अंदर से घुंघरूओं के बजने की आवाज़ें ,महिलाओं के रोने ,और चूड़ियों के खानखनाने की आवाज़ें आती रहतीं है ।वहीं कभी-कभी शाम के वक़्त इस किले में किसी के चीखने की आवाज गूँजती है । इस किले में जब आप अकेले रहेंगे तो तलवारों की टनकार  और लोगों की चीख को महसूस कर सकते हैं ।

इस जगह पर एक ही स्थान ऐसा है जो बिलकुल सेफ है और वो है यहाँ का मंदिर।

लोग यहाँ पर दिन के समय में पूजा करते हैं लेकिन जैसे ही अंधेरा होने लगता है सभी किले से बाहर आ जाते हैं ।

 

दोस्तों 

इस किले की बारे में एक कहानी और प्रचलित है । कहा जाता है कि एक तपस्वी बाबा बालकनाथ अपनी झोंपड़ी में रहा करते थे। राजा माधोसिंह ने उन्हें राजी करके इस किले का निर्माण करवाया था ।बाबा बालकनाथ ने राजा को पहले ही ये हिदायत दे दी थी जिस पल तुम्हारे महल की छाया मुझ पर या मेरी झोंपड़ी पर पड़ी ..अगले ही पल तुम्हारा राज और ये महल सब समाप्त हो जायेगा ।राजा माधोसिंह ने उन्हें यह वचन दिया था कि वो महल को इतना ऊँचा नहीं करेंगे …….                                                    लेकिन राजा माधोसिंह के देहांत के बाद उनके पौत्र अजबसिंह ने महल का निर्माण कराया और उसे इतनी ऊंचाई दी कि जिसकी वजह से साधू की झोंपड़ी पर छाया आने लगी । उसी पल साधू के श्राप ने समूचे राज्य जो अपने चपेट में ले लिया । और भानगढ़ पर क़यामत आ गयी 

 दोस्तों …….भानगढ़ के बारे में कहा जाता है कि भारत सरकार ने इस जगह के बारे में सच्चाई पता करने की कोशिश की थी ।

 और सरकार के सामने जो रहस्य आया उससे उसको भी सोचने पर मजबूर कर दिया था । भारत सरकार ने इस जगह का रहस्य पता करने के लिए अर्धसैनिक बलों की एक टुकड़ी को रात में वहां भेजा था । सेना की टुकड़ी ने जो बातें सरकार के सामने रखीं उसे सुनकर सरकार को ऐसे कदम उठाने पड़े । जो आज भी वहां सबके लिए लागू है । निर्णय के अनुसार शाम को उस किले में किसी को भी जाने की अनुमति नहीं है ।

दोस्तों यह किला सन् 1958 से पुरातत्व विभाग के अधीन है ।और इस किले की देखरेख भारत सरकार के द्वारा की जाती है । यहाँ तक ये भी कहा जाता है इस किले में सूर्यास्त के बाद जो भी गया  वो वापिस नहीं आया । यहाँ तक भी कहा जाता है कि यहाँ आने वालों को कई बार भूतों के द्वारा परेशान भी किया गया और कुछ लोगों को तो अपनी जान से हाथ तक धोना पड़ा।

दोस्तों भानगढ़ के किले का सच क्या है ये कोई नहीं जानता आजतक यह कोई नहीं जान पाया है कि रात के समय इस किले के अंदर क्या होता है जिससे लोगों में एक डर बना हुआ है ।